Shamsher ALI Siddiquee: Tips

Shamsher ALI Siddiquee

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आइये जानें एंड्राइड मोबाइल में पाये जाने वाले सेंसर्स के बारे में!

    


आज आप इस पोस्ट में जानेंगे की आपके आधुनिक एंड्राइड फ़ोन में कितने सेंसर है। और कौनसा सेंसर क्या काम करता है, भारत में आज एंड्राइड फ़ोन लगभग 70% से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे है, अभी तक सबसे ज्यादा मशहूर ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्राइड है, और यह सबसे जल्दी मशहूर हुआ, इससे पहले सिम्बियान और जावा भी आया लेकिन एंड्राइड से ज्यादा अभी तक कोई ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं चला, आज एंड्राइड का ऑपरेटिंग सिस्टम ऐपल के आई ओ एस (IOS) को भी टक्कर देने का दम रखता है, और लोगो को अब यह ऐपल से ज्यादा पसंद आ रहा है, क्योकि हर दिन एंड्राइड फ़ोन्स में कुछ न कुछ नया आ रहा है, और वो  वाजिब दाम में, इसी वजह से आज एंड्राइड सबसे ज्यादा चलने वाला OS बन गया है।
हर एंड्राइड फ़ोन में कुछ ऐसे फीचर होते है जिससे फ़ोन और भी ज्यादा अच्छा लगने लगता है, आज हम बात करेगे एंड्राइड फ़ोन के सभी सेंसर की, और ये भी जानेंगे की कौनसा सेंसर क्या काम करता है।
सेंसर को हिंदी में ज्ञानेंद्री या संवेदक भी कहते है, या फिर आप ये भी कह सकते है के आपके इशारो समझने वाला कंप्यूटर तो हम सबसे पहले बात करते है सबसे साधारण पर जरुरी सेंसर की जिसे लेत सेंसर कहते है।

 android mobile sensors
1. Light Sensor – लाइट सेंसर फ़ोन की लाइट को कण्ट्रोल करता है और जब भी आप कम लाइट में आते है, या अँधेरे में जाते है तो आपके फ़ोन की डिस्प्ले की लाइट भी कम हो जाती है, जिससे अँधेरे में आपकी आँखे कमजोर न हो, और साथ ही फ़ोन की बैटरी भी ज्यादा देर तक चले।
ठीक इसी तरह यह सेंसर ज्यादा तेज़ रौशनी में जाने पर डिस्पले की लाइट को तेज़ भी कर देता है, जिससे आप धुप या तेज़ रौशनी में भी फ़ोन को चला सके।
2. Proximity Sensor – ठीक लाइट सेंसर की तरह प्रोक्सिमिटी सेंसर भी फ़ोन में लाइट को कण्ट्रोल करने का काम करता है, लेकिन यह लाइट को कम या ज्यादा नहीं करता, यह लाइट को बंद या चालू करता है।
जब भी किसी को फ़ोन लगाते है और बात करते वक्त जब आप फ़ोन को अपने काम पर लगाते है तो यह सेंसर फ़ोन की लाइट बंद कर देता है, इससे फ़ोन की बैटरी ज्यादा चलती है, और जब बिना वजह फ़ोन की लाइट चालू भी नहीं रहती।
3. Accelerometer – एक्सीलेरोमीटर का सेंसर पता लगता है की आपका फ़ोन किस दिशा में मुड़ा हुआ है, यह सेंसर आपके फ़ोन में विडियो देखने में काफी सहायता करता है, जब भी आप अपने फ़ोन को टेढ़ा करेंगे तो आपको फ़ोन की डिस्पले भी टेड़ी ( Rotate ) हो जाएगी।
4. Gyroscope Sensor – ग्यरोस्कोपे सेंसर एक्सीलेरोमीटर की तरह कुछ हद तक काम करता है है, लेकिन यह सेंसर एक्सीलेरोमीटर से ज्यादा असरदार है, एक्सीलेरोमीटर आपके फ़ोन में सिर्फ डिस्प्ले को घूम सकता है, लेकिन ग्यरोस्कोपे सेंसर की वजह से आपका फ़ोन यह भी पता कर सकता है की आप आगे झुके हुए है या पीछे की और ज्यादा झुके हुए है, इस सेंसर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल गेम खेलने के लिए होता है।
5. Magnetometer – मैग्नेटोमीटर आजकल बिकने वाले सभी नए फ़ोन में आता है, इसकी मदद से आप यह पता कर सकते है की किस दिशा में पूर्व या किस दिशा में पश्चिम है, यह एक दिशा सूचक यन्त्र का काम करता है, क्योकि जंगल में कोई मोबाइल के सिग्नल नहीं आते और रस्ते भी एक जैसे होते है इसलिए जंगलो में घूमने वाले या शिकार करने वाले अक्सर इस यन्त्र का उपयोग करते है।
साथ ही यह सेंसर लोहे की और आकर्षित होता है, अगर आप अपने फ़ोन में metal डिटेक्टर इंसटाल कर ले तो आप अपने फ़ोन को मेटल डिटेक्टर की तरह भी इस्तेमाल कर सकते है।
6. Fingerprint Sensors – आजकल यह सेंसर बहुत सारे फ़ोन्स में आ गया, थोड़े समः पहले यह सेंसर सिर्फ महंगे मोबाइल में आता था, लेकिन अभी एंड्राइड OS भी इसे कम दाम में लेकर आया है, जिसकी मदद से आप अपने फ़ोन को सुरक्षित रख सकते है, अपनी उंगलियो के निशान से फ़ोन को लॉक लगा सकते है, जिसके बाद फ़ोन सिर्फ आपकी ऊँगली के निशान से ही खुलेगा, और यह बहुत सुरक्षित लॉक है, कोई और इस लॉक को अपनी फिंगर से कभी भी नहीं खोल सकता।
7. Thermometer – थर्मामीटर को तो आप सभी जानते होंगे, क्योकि यह हर डॉक्टर के पास आपको दिख जाता है, लेकिन एंड्राइड फ़ोन का थर्मामीटर थोड़ा अलग होता है, यह आपका बुखार तो नहीं बताता लेकिन आपके दिल की धड़कन का पता लगा लेता है, साथ ही यह आपको बताता है की आपकी सेहत कैसी है, आजकल एंड्राइड OS शरीर की सेहत को भी ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, और अब फ़ोन में ऐसे सेंसर भी आ गए है जो आपके शरीर का ध्यान रखेंगे साथ ही आपको वजम करने में, या दौड़ लगाने में मदद करेंगे।
8. Air Humidifier Sensor – आज कल यह सेंसर कुछ ही फ़ोन में आ रहा है, जो आपको यह बतात है की आपके आस पास का मौसम कैसा है, आपके आस पास कितनी गर्मी या सर्दी है, इस सेंसर का कोई खास इस्तेमाल नहीं, इसलिए यह कुछ ही फ़ोन में है जो शायद भारत में उपलब्ध भी नहीं।
9. Measure Distance Sensor – आजकल कुछ नए फ़ोन में लंबाई और चौड़ाई नापने वाला सेंसर भी आ गया है, जिसकी मदद से आप कमरे के एक कोने में खड़े होकर यह चेक कर सकते है की इस कमरे की लंबाई कितनी है, या चौड़ाई कितनी है, इस सेंसर का इस्तेमाल अक्सर मेज़रमेंट लेने वाले है, हमने कुछ इंटीरियर डिज़ाइनर को यह सेंसर इस्तेमाल करते हुए देखा भी है।
10. Universal Remote Sensor – और अंत में सबसे आखिर का जो सेंसर है वो भी अब नए फ़ोन्स में आने लगा है, जिसकी मदद से हम अपने घर में हर चीज़ जो रिमोट से कण्ट्रोल होती है वो कण्ट्रोल कर सकते है, जैसे टेलीविजन या AC, सेट आप बॉक्स आदि, यह सेंसर काफी काम का साबित हो रहा है।
तो दोस्तों उम्मीद है आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा, हमने सभी तरह के सेंसर के बारे में इस पोस्ट में शेयर किया है, इसके अलावा वजन लेने वाला सेंसर भी फ़ोन में आ चुका है, लेकिन वह फ़ोन भारत में नहीं है, इसलिए हमने शेयर नहीं किया, अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो आप अपने सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को जरूर शेयर करें।

आधार कार्ड से आपको मिलेंगे ये 10 फायदे

    


आधार कार्ड से आपको मिलेंगे ये 10 फायदे सरकार कई स्कीमों को आधार कार्ड से जोड़ने जा रही है। अब सब्सिडी और अन्य वित्तीय लाभ आधार से जुड़े बैंक खाते में ही ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके अलावा आधार कार्ड से आपको कई और भी फायदे हैं......
दस दिनों में मिलेगा पासपोर्ट
आधार नंबर से आपको सिर्फ 10 दिनों में पासपोर्ट मिल जाएगा। पुलिस सत्यापन बाद की तारीख में किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय आवेदनकर्ता को पता और पहचान के प्रमाण के तौर पर सिर्फ एक आधार नंबर ही देना होगा। आवेदनकर्ता को तीन दिनों के अंदर अपॉइंटमेंट मिल जाएगा और अन्य सात दिनों के अंदर पासपोर्ट की प्रोसेसिंग होकर उनके घर पर पहुंच जाएगा। पासपोर्ट जारी करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है।
नया बैंक खाता खुलवाना
आधार नंबर बैंक खाता खुलवाने के लिए पता का सही प्रमाण है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
यह सिस्टम 'पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण' कहलाता है। पेंशन लाभ के लिए अब पेंशनभोगियों का खुद से मौजूद होना जरूरी नहीं है। पेंशनभोगी का विवरण आधार का इस्तेमाल करके हासिल किया जाएगा।
सेबी
आधार सिर्फ पहचान का ही प्रमाण नहीं रहा है बल्कि स्टॉक मार्केट में निवेश के लिए इसे पता के प्रमाण के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मासिक पेंशन
पेंशनभोगियों को मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए अपने-अपने विभागों में आधार नंबर रजिस्टर कराना होगा।
प्रविडेंट फंड
पीएफ का पैसा उन खाताधारकों को ही आवंटित किया जाएगा जिन्होंने कर्मचारी संचय निधि संगठन में अपना आधार नंबर रजिस्टर करवा रखा है।
डिजिटल लॉकर
भारत सरकार का डिजिटल लॉकर एक ऐसा सिस्टम है जहां एक व्यक्ति सरकारी सर्वर पर अपना निजी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। साइन इन करने के लिए आधार नंबर से लिंक होना जरूरी है।
एलपीजी सब्सिडी
12 अंकों वाले व्यक्तिगत आईडी नंबर का इस्तेमाल बैंक खाते में एलपीजी सब्सिडी सीधे तौर पर ट्रांसफर करवाने के लिए किया जा सकता है।
वोटर कार्ड से लिंक
आधार नंबर को वोटर आईडी से भी जोड़ा जाएगा।
जन धन योजना
इस स्कीम के तहत अकेले आधार नंबर को बैंक खाता खुलवाने के लिए जरूरी दस्तावेज के तौर पर स्वीकार किया जाता है।

मच्छर दूर भगाने के कारगर घरेलू उपाय

    



मौसम में गर्माहट आते ही घरों में मच्छरों की तादाद बढ़ने लगती है। ऐसे में बाजार में मौजूद केमिकल्स, स्प्रे और रिफिल्स भी काम नहीं आती हैं। अगर आप भी परेशान हैं तो ये उपाय कर मच्छरों से छुटकारा पाया जा सकता है। आईये जानें कैसे.......
कपूर 
कमरे में कपूर जला दें और 10 मिनट के लिए खिड़की और दरवाजों को बंद कर दें। सारे मच्छर भाग जाएंगे। 
लहसुन
लहसुन की तेज गंध मच्छरों को दूर रखती है। लहसुन का रस शरीर पर लगाएं या फिर इसका छिड़काव करें। 
लैवेंडर 
यह न सिर्फ खुशबूदार है पर एक शानदार तरीका भी है मच्छरों से बचने का। इस फूल की खुशबू असरदार होती है जिससे मच्छर भाग जाते हैं। इस घरेलू उपाय के उपयोग के लिए लैवेंडर के तेल को एक कमरे में प्राकृतिक फ्रेशनर के रूप में छिड़कें।
अजवाइन और सरसों का तेल
सरसों के तेल में अजवाइन पाउडर मिलाकर इससे गत्ते के टुकड़ों को तर कर लें और कमरे में ऊंचाई पर रख दें। मच्छर पास भी नहीं आएंगे। 
नींबू और नीलगिरी का तेल
मच्छर भगाने वाली रिफिल में लिक्विड खत्म हो जाने पर उसमें नींबू का रस और नीलगिरी का तेल भरकर लगाएं। इस हाथ-पैरों पर भी लगा सकते हैं। 
नीम का तेल 
नीम के तेल को हाथ-पैरों में लगाएं या फिर नारियल के तेल में नीम का तेल मिलाकर उसका दीया जलाएं। 
पुदीना 
पुदीने के पत्तों के रस का छिड़ाव करने से मच्छर दूर भागते हैं। इसे शरीर पर भी लगाया जा सकता है। 
तुलसी का रस लगाएं
शरीर पर तुलसी के पत्तों का रस लगाने से मच्छर नहीं काटते हैं। घरों में लगा तुलसी का पौधा मच्छरों को दूर रखता है। 

अब ऑनलाइन बनवा सकेंगे डीएल

    


ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब आसान हो गया है।
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन डीएल बनवाने की दिशा में यह पहल की
है। देश के कुछ चुनिंदा राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में मौजूद
कुछ आरटीओ ऑफिस को ऑनलाइन सर्विस देने की इस पहल से
जोड़ा गया है। जल्द ही देश के सभी राज्यों में इस सर्विस को शुरू
कर दिया जाएगा। सड़क परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर
लर्निंग लाइसेंस और कन्फर्म ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना संभव
होगा।
ऑनलाइन लर्निंग डीएल बनवाने के लिए यह है प्रोसेस
-सबसे पहले आपको मंत्रालय की वेबसाइट https://
parivahan.gov.in/sarathiservice/newLLDet.do पर लॉग-इन करना
होगा। पेज खुलने पर आपके सामने लाइसेंस बनवाने के लिए दिशा-
निर्देशों की लिस्ट होगी, जो आपको फॉलो करनी होगी।
-इनको पढ़ने के बाद आपको Continue पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आपको नया लर्निंग लाइसेंस
बनवाने के ऑप्शन I don't have any Licence पर क्लिक करके
सबमिट करना होगा।
-इसके बाद नया पेज खुलेगा, जिसमें आपको अपने राज्य, आरटीओ
ऑफिस को सिलेक्ट करना होगा। इसके बाद आपको अपनी
पर्सनल डिटेल्स जिनमें अपना नाम, फोन नंबर, ब्लड ग्रुप, माता-
पिता के नाम आदि भरने होंगे।
-इसके बाद आपको लाइसेंस बनवाने के लिए यह भी बताना होगा
कि आपको कौन-सी गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस बनवाना है।
-सारी डिटेल्स भरने के बाद आपको सबमिट करना होगा। इसके
बाद एक एक्नॉलेजमेंट फॉर्म आएगा, जिसका आप प्रिंट ले सकते हैं।
-इसके बाद आपको अपनी फोटो, सिग्नेचर और डॉक्युमेंट अपलोड
करने होंगे और फीस का पेमेंट करना होगा।
-फीस पेमेंट करने के बाद आपका स्लॉट बुक हो जाएगा। इसके बाद
उसी दिन जाकर आपको आरटीओ ऑफिस में ड्राइविंग टेस्ट देना
होगा। टेस्ट पास करने के बाद आपका लर्निंग डीएल 15 दिन के
अंदर पोस्ट द्वारा आपके घर पर पहुंच जाएगा।

परमानेंट डीएल बनवाने के लिए फॉलो करना होगा ये प्रोसेस
लर्निंग लाइसेंस बनने की तारीख से एक महीने बाद आप परमानेंट
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए
आपको ऊपर दिया गया प्रोसेस ही फॉलो करना होगा। परमानेंट
लाइसेंस के लिए अप्लाई करने के दौरान पहले आपको अपने लर्निंग
ड्राइविंग लाइसेंस का नंबर देना होगा। अगर आप नंबर नहीं देंगे तो
आपका ऑनलाइन डीएल नहीं बन पाएगा।
इन राज्यों के लोग बनवा सकेंगे ऑनलाइन डीएल
केंद्र सरकार की वेबसाइट ने ये सर्विस अभी कुछ चुनिंदा राज्यों के
आरटीओ ऑफिस में शुरू की है। जिन राज्यों और केंद्र शासित
प्रदेशों में ये सर्विस लॉन्च की गई है, उनमें राजस्थान, उत्तराखंड,
महाराष्ट्र, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, हरियाणा, जम्मू-
कश्मीर, कर्नाटक, मेघालय, ओडिशा, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु
शामिल हैं।

ट्रैक कर सकेंगे अपनी एप्लिकेशन
फॉर्म भरने के बाद आप वेबसाइट पर अपनी एप्लिकेशन को ट्रैक कर
सकते हैं। यही नहीं अगर आप एप्लिकेशन वापस लेना चाहते हैं तो
ऐसा भी कर सकेंगे। इसके लिए आपको अपना एप्लिकेशन नंबर और
अप्लाई करने की तारीख भरनी होगी, जिसके बाद आपकी
एप्लिकेशन वापस हो जाएगी।

आधार कार्ड में ऑनलाइन आप कर सकते हैं ये 6 चेंज, जानिए क्‍या है प्रॉसेस

    


आप अपने आधार कार्ड में हुई गलतियों में सुधार ऑनलाइन
कर सकते हैं। इसके लिए आपको आधार की ऑफिशियल वेबसाइट
http://uidai.gov.in पर जाना होगा। यहां आपको ऑनलाइन कुछ स्टेप्स फॉलो
करने होंगे और मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, एड्रेस आदि में हुई गलतियों को करेक्ट
कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप मोबाइल नंबर, एड्रेस में कोई चेंज करना
चाहते हैं, तो उसे भी कर सकते हैं।
ऑनलाइन करेक्शन के लिए मोबाइल नंबर जरूरी
आधार कार्ड में ऑनलाइन करेक्शन के लिए मोबाइल नंबर जरूरी है।
अगर, आपके पास मोबाइल नंबर नहीं है तो आप ऑनलाइन करेक्शन
नहीं कर सकते हैं । ऐसा इसलिए है क्योंकि बदलाव या शिकायत के लिए
ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।
इसके बाद ही आप अगला प्रोसेस कर सकते हैं।
आधार कार्ड में चेंज करने का यह है प्रोसेस
स्टेप 1 : नाम, जेंडर, जन्म तिथि, एड्रेस, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
चेंज करने के लिए आपको आधार की ऑफिशियल वेबसाइट http://uidai.gov.in पर जाना होगा।
स्टेप 2: इस पेज को ओपेन करने पर आपको बायीं ओर नीचे
‘अपडेट योर आधार’ का एक लिंक दिखेगा। इस पर क्लिक करने पर एक नया पेज
https://ssup.uidai.gov.in/web/guest/update खुलेगा।
स्टेप 3: इस पेज पर बने ऑनलाइन रिक्वेस्ट पर क्लिक करना होगा। फिर एक नया
पेज खुलेगा। इस पेज के सबसे नीचे सबमिट/अपडेट रिक्वेस्ट पर क्लिक
करना होगा। फिर नया पेज खुलेगा जिसमें दिए हुए कॉलम में आप अपना 12 नंबर का
आधार नंबर और दिए हुए वेरीफिकेशन कोड को सबमिट करना होगा। इसके
बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।
ओटीपी डालने पर एक नया पेज खुलेगा।

स्टेप 4: इस पेज पर आपको नाम, जेंडर, जन्म तिथि, एड्रेस, मोबाइल नंबर और
ईमेल आईडी को अपडेट करने का ऑप्शन दिखेगा। इसमें से आप जो
भी चेंज या करेक्शन कराना चाहते हैं जैसे मोबाइल नंबर चेंज करना है तो
मोबाइल नंबर वाले कॉलम को सिलेक्ट करें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
इसके बाद आपको नया मोबाइल नंबर सबमिट करने का ऑप्शन आएगा। इसमें आप
अपना नया मोबाइल नंबर फीड कर सबमिट टैब पर क्लिक करना होगा। फिर
आपको एक रिक्वेस्ट नंबर मिलेगा। जिसे आप प्रिंट या पीडीएफ
फॉर्मेट में अपने रिक्वेस्ट को सेव कर सकते हैं। इस रिक्वेस्ट नंबर के जरिए आप
ऑनलाइन आधार कार्ड में किए गए बदलाव को ट्रैक कर सकते हैं।
स्टेप 5: अगर आप आधार कार्ड में नाम, एड्रेस या जन्म तिथि बदलते हैं तो इससे
जुड़े डॉक्युमेंट्स की स्कैन कॉपी ऑनलाइन अपलोड करना होगा।
इसके बाद आपको आधार कार्ड अपडेशन करने के लिए एजेंसी चुनने का
ऑप्शन मिलेगा। जिसे आप ऑनलाइन चुन सकते हैं। एजेंसी सिलेक्ट
करने के बाद मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आएगा और दो से तीन
हफ्तों के अंदर आपका आधार अपडेट हो जाएगा।
स्टेप 6: अपडेट हुए नए आधार कार्ड को आप ई-आधार कार्ड के लिंक https://
eaadhaar.uidai.gov.in/ से प्रिंट करके पेपर फार्म में ले सकते हैं और 100
से दो सौ रुपए खर्च करने के बाद प्लास्टिक आधार कार्ड में बदलवा सकते हैं।

ऑफलाइन भी करा सकते हैं आधार कार्ड में बदलाव
अगर, आधार कार्ड में आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है तो आपके
सामने दूसरा विकल्प ऑफलाइन चेंज करने का भी है। इसके लिए आपको
एक फॉर्म डाउनलोड करना होगा। इस फॉर्म को आप इस लिंक से डाउनलोड कर सकते
हैं। http://uidai.gov.in/images/update_request_form_08_01_
2016.pdf
फॉर्म डाउनलोड करने के बाद इसको प्रिंट निकाल लें और आप जो बदलाव चाहते हैं
जैसे नाम, मोबाइल नंबर, जेंडर, एड्रेस आदि में टिक करें। फॉर्म के सबसे ऊपर टिक
करने का ऑप्शन आपको मिलेगा। फिर आप फॉर्म के बाकी कॉलम को भरें।
फॉर्म को अंग्रेजी के कैपिटल लेटर या आप अपनी लोकल भाषा
में भर सकते हैं। फॉर्म के सबसे नीचे आप अपना हस्ताक्षर कर दें।
इस फॉर्म के साथ आधार कार्ड में बदलाव के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स को
खुद से सत्यापित करें। फिर इसे डाक से निम्नलिखित दिए हुए किसी एक
पते पर भेज दें। एक महीने के अंदर आपका आधार अपडेट हो जाएगा।
UIDAI
Post Box No. 10,
Chhindwara,
Madhya Pradesh - 480001, India
UIDAI
Post Box No. 99,
Banjara Hills,
Hyderabad - 500034, India

सेल्फ अटेस्टेड डॉक्युमेंट सबमिट करना जरूरी
अगर, आप आधार कार्ड में ऑनलाइन नाम बदलते हैं तो पहचान पत्र का एक
सेल्फ अटेस्टेड डॉक्युमेंट जमा करना होगा। वैसे ही एड्रेस प्रूफ बदलने
या जन्म तिथि बदलने के लिए एड्रेस प्रूफ का एक डॉक्युमेंट और जन्म तिथि के लिए
एक सेल्फ अटेस्टेड डॉक्युमेंट देना होगा। ऑनलाइन जन्म तिथि बदलने पर जन्म
तिथि के डॉक्युमेंट की फोटो कॉपी निकाल कर उस पर खुद का
हस्ताक्षर करें। फिर इसे स्कैन कर ऑनलाइन आधार कार्ड के सुधार पोर्टल पर
अपलोड करना होगा।
आधार कार्ड में करेक्शन कराने पर प्रूफ के तौर पर ये डॉक्युमेंट्स दे सकते
हैं
पासपोर्ट, बैंक पासबुक, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड,
राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, किसान फोटो कार्ड, बिजली-पानी
बिल आदि।