दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के मुखिया अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। जानिए उनके सुरक्षा दस्ते के तीन सबसे महत्वपूर्ण हिस्से प्लेन एयरफोर्स वन, हेलीकॉप्टर मरीन वन और कार कैडिलैक...द बीस्ट की खूबियां।
एयरफोर्स वन
एयरफोर्स वन यानी नीले-सफेद रंग का वो विमान जिसके जितने अफसाने, उससे कहीं ज्यादा फसाने हैं। एयरफोर्स वन यानी वो विमान जिसे खासतौर से अमेरिकी राष्ट्रपति के हवाई सफर के लिए बनाया गया है। सबसे ताकतवर मुल्क का वो शख्स जिस पर 24 घंटे खतरा मंडराता रहता है, क्योंकि वो अमेरिकी ताकत का केंद्र होता है। ये महज विमान नहीं है, बल्कि अमेरिकी सत्ता, ताकत, प्रतिष्ठा और दुनिया पर उसके असर का प्रतीक भी है। माना जाता है कि ये विमान दुनिया का सबसे महंगा विमान है। इस विमान पर एक घंटे की उड़ान का खर्च करीब 68 हजार डॉलर बैठता है। नीले और सफेद रंग का ये विमान देखने में तो खूबसूरत है ही, इसमें ऐशो-आराम और सुरक्षा के भी ऐसे इंतजाम हैं जिसे जानकर कोई भी हैरान रह जाए।
इसके बारे में किंवदंतियां ऐसी हैं जिन्हें सुनकर यकीन करना मुश्किल है, मसलन-हवा में उड़ता किला एयरफोर्स वन घातक लेजर से लैस है, जो उसके लिए खतरा बने विमान पर हमले के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर दुश्मन विमान नजदीक आ जाए तो एयरफोर्स वन अपनी मिसाइलों से उसे मार गिरा सकता है। दुश्मन विमान मिसाइल से बच निकले तो उसे सबक सिखाने के लिए एयरफोर्स वन के डैनों में छुपी मशीनगन भी हैं। इतना सबकुछ होने के बावजूद अगर कोई दुश्मन विमान एयरफोर्स वन को नुकसान पहुंचा ही दे, तब राष्ट्रपति को बचाने के लिए जहाज में एक इस्केप पॉड यानी बचाव के लिए खास तरह का कैप्सूल भी मौजूद है। हॉलीवुड की मशहूर फिल्म एयरफोर्स वन में इस बचाव कैप्सूल का इस्तेमाल दिखाया गया था तभी से ये माना जाने लगा है कि एयरफोर्स वन में इस्केप पॉड भी है।
हालांकि ये एक बड़ा बोइंग 747-200B जेट ही है, जिसे खास राष्ट्रपति की जरूरत के मुताबिक ढाला गया है। इनकी संख्या दो है। इन दोनों ही विमान को नाम दिया गया है VC-25A। तकनीकी रूप से एयरफोर्स वन, राष्ट्रपति के विमान का रेडियो संदेश में पुकारा जाने वाला नाम है। हवा में उड़ते हुए ओबामा का पूरा दफ्तर इस विमान से संचालित होता है। आम तौर पर कुल 70 यात्री और 23 चालक दल एयरफोर्स वन पर सफर कर सकते हैं। किसी भी बोइंग-747 की तरह ये भी तीन मंजिला विमान है। आमतौर पर ओबामा जब एयरफोर्स वन से हाथ हिलाते हुए नीचे उतरते हैं, तो वो बीच की मंजिल से निकल रहे होते हैं लेकिन उससे ऊपर और नीचे के दरवाजों का इस्तेमाल भी जहाज पर सवार होने या उतरने के लिए किया जा सकता है।
इसमें हवा में ईंधन भरा जा सकता है। इसमें कॉकपिट, कम्युनिकेशन रूम, राष्ट्रपति का दफ्तर, डाइनिंग रूम , अफसरों का कमरा, 85 टेलीफोन लाइन, 19 टीवी, दफ्तर और मीडिया की जगह है। एयरफोर्स वन में बुलेट प्रूफ खिड़कियां, सुरक्षा अधिकारी हमेशा तैनात रहते हैं। न्यूक्लियर धमाके से सुरक्षा, छुपा इंफ्रारेड गाइडेंस सिस्टम, वरिष्ठ अधिकारियों का मीटिंग कक्ष, राष्ट्रपति की सुरक्षा टीम, मेडिकल सुविधाएं राष्ट्रपति कक्ष, जिम और ड्रेसिंग रूम भी है।
इतनी सुविधाओं और इतने लोगों को खाना खिलाने के लिए एयरफोर्स वन में करीब 2000 लोगों का खाना हमेशा पैक रहता है, हालांकि एक वक्त पर इस पर सिर्फ 100 लोगों को खाना खिलाया जा सकता है। बेशक, एयरफोर्स वन में हमलावर क्षमताएं तो नहीं हैं, लेकिन दुश्मन से हमले के बचाव के लिए इसमें कई खूबियां हैं। एयरफोर्स वन एक बार में पूरी दुनिया का चक्कर काट सकता है। इसके शीशों से लेकर पूरी बॉडी परमाणु धमाके से निकलने वाली शॉक वेब तक सह सकती है। इसके पिछले हिस्से में दुनिया भर के रडारों को जाम कर देने वाला जैमर मौजूद हैं। सबसे अहम ताकत है इसकी निचली मंजिल में मौजूद हथियारों का जखीरा और अमेरिकी जमीन पर मौजूद परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के लिए रिमोट कंट्रोल रूम।
जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति एयरफोर्स वन पर बैठे-बैठे अमेरिकी परमाणु हथियारों को दागने का आदेश भी दे सकते हैं। हमले से बचाव के लिए इसमें राडार जाम करने वाले इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और मिसाइलों को भटकाने के लिए आग के गोले छोड़ने की भी व्यवस्था है। जबकि दुश्मन के विमान पर हमला करने की जिम्मेदारी एयरफोर्स वन को आसमान पर सुरक्षा देते लड़ाकू जहाज निभाते हैं। फिर भी एयरफोर्स वन को इस तरह के कम्युनिकेशन प्रणाली से लैस किया गया है कि आप इसे उड़ता हुआ व्हाइट हाउस भी कह सकते हैं। साल 2010 में जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत दौरे पर आए थे तब दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर खड़े उनके विमान को एक सेकेंड के लिए भी बंद नहीं किया गया था। दो दिन के दौरान एयरफोर्स वन ने करीब डेढ़ सौ करोड़ का ईंधन फूंक डाला। एयरफोर्स में कुल जगह की बात की जाए तो इसमें करीब 4000 वर्गफुट जगह है।
मरीन वन
जिस तरह से लंबी दूरी की हवाई यात्रा के लिए एयरफोर्स वन अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए उड़ते हुए व्हाइट हाउस का किरदार निभाता है। ठीक उसी तरह से अमेरिका और बाकी देशों में छोटी दूरी के सुरक्षित सफर के लिए इस्तेमाल किया जाता है मरीन वन। एयरफोर्स वन के रनवे पर उतरते ही अगर एयरपोर्ट से मंजिल की दूरी दस किलोमीटर से ज्यादा हो तो मिस्टर प्रेसिडेंट सड़क की बजाय मरीन वन में सवार हो जाते हैं यानी वो हेलीकॉप्टर जो एयरफोर्स वन की तरह ही बेहद खास है।
सुरक्षा उपाय के तहत मरीन वन हमेशा एक जैसे दिखने वाले पांच हेलीकॉप्टरों के ग्रुप के तौर पर आसमान पर उड़ता है। पांच हेलीकॉप्टर में से किसी एक में अमेरिकी राष्ट्रपति होते हैं, लेकिन पांच हेलीकॉप्टरों के दल के वजह से ये पहचानना मुश्किल होता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति किस हेलीकॉप्टर में सफर कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति किस मरीन वन में उड़ रहे होते हैं, इसका पता सिर्फ चुनिंदा अफसरों और सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स को ही होता है, लेकिन इस हेलीकॉप्टर की सुविधाओं और ताकत के बारे में कोई सस्पेंस नहीं है।
ओबामा जिस मरीन वन में उड़ते हैं, वो वीएच-थ्री की पीढ़ी का हेलीकॉप्टर है। इस शानदार हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना करती है। मरीन वन में भी अमेरिकी राष्ट्रपति का छोटा सा दफ्तर है। इस उड़ते हुए दफ्तर में वो दो-चार लोगों के साथ मीटिंग भी कर सकते हैं। इस हेलीकॉप्टर में करीब 14 लोग सफर कर सकते हैं। मरीन वन को यूएस मरीन कॉर्प्स की मरीन हेलीकॉप्टर्स की नाइट हॉक्स स्क्वाड्रन ऑपरेट करती है। इसे समंदर का राजा कहा जाता है। 1957 में इसका प्रयोग शुरू हुआ था। इसे उड़ाने से पहले मरीन एविएटर्स को एक सख्त जांच प्रक्रिया से गुजरना होता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति अमेरिका या विदेश में जब विशेष दौरे पर होते हैं तब उनके पहुंचने से पहले ही C-17 या C-5 मालवाहक विमान के जरिए मरीन वन और कैडिलेक को वहां पहुंचा दिया जाता है। अमेरिका में जब भी नया राष्ट्रपति सत्ता संभालता है तब प्रेसिडेंशियल इनॉगरेशन की परंपरा के मुताबिक रिटायर हो रहे राष्ट्रपति को कैपिटॉल से एंड्रेयू एयरबेस तक पहुंचाने की परंपरा मरीन वन हेलीकॉप्टर ही निभाता है।
मरीन वन की खासियतों की बात करें तो मरीन वन फौजी ग्रेड का हेलीकॉप्टर है। इस ताकतवर हेलीकॉप्टर के कवच को गोली या मिसाइल नहीं भेद सकती। मरीन वन थर्मल गाइडेड मिसाइल काउंटर वार फेयर से भी लैस है यानी गर्मी के आधार पर टारगेट तय करने वाली मिसाइलों को ये गच्चा दे सकता है। इसके काउंटर राडार सिस्टम दुश्मन के राडार को जाम कर सकते हैं।
कैडिलेक...बीस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति जिस कार में सफर करते हैं वो कैडिलेक वन है, जिसे बीस्ट भी कहा जाता है। बीस्ट में किसी विशालकाय जानवर से भी ज्यादा ताकत है। 18 फीट लंबी, साढ़े सात टन भारी और 60 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकने वाली बुलेट प्रूफ बीस्ट में ऐसे कई सिस्टम लगे हुए हैं, जिनकी वजह से ये कार बड़े आतंकी हमले के वक्त भी अमेरिकी राष्ट्रपति को बचाने में सक्षम है।
बीस्ट की खूबियों के तर्ज पर दुनिया के तमाम देशों ने अपने राष्ट्राध्यक्षों के लिए ऐसी ही कार का इंतजाम किया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की कार उन सबमें सबसे सुरक्षित और सबसे अनोखी है। एक निगाह में अगर इसमें मौजूद सुविधाओं पर नजर डालें तो बीस्ट का बुलेट प्रूफ पेट्रोल टैंक इसे बड़ी सुरक्षा देता है। इसे एक विशेष फोम से सील किया जाता है, जिससे इसमें आग लगने की सूरत में धमाका नहीं होता।
बीस्ट में चार लोगों के बैठने की जगह है। बुलेट प्रूफ 8 इंच मोटे दरवाजे की वजह से इस कार को बम से निशाना नहीं बनाया जा सकता। इसका ड्राइवर CIA का प्रशिक्षित सीक्रेट एजेंट होता है। उसके लिए सिर्फ 3 इंच खुलने वाला शीशा भी कार में है, जिससे वो बाहर मौजूद एजेंट से बात करता है। अत्याधुनिक स्टीयरिंग और ट्रेनिंग की बदौलत ड्राइवर बीस्ट को हर खतरे से बचाने में सक्षम है। GPS ट्रैकिंग डिवाइस और पंक्चर न होने वाले स्टील रिम टायर इसे खास ताकत देते हैं। रात में देखने वाला कैमरा, आंसू गैस उपकरण भी बीस्ट का हिस्सा हैं।
बीस्ट को दुनिया की सबसे सुरक्षित कार कहा जाए तो गलत नहीं होगा। कार का खोल-बख्तरबंद फौजी गाड़ियों जैसा है। इसे स्टील, एल्मुनियम, टाइटेनियम और सिरेमिक से बनाया गया है। इस पर आम रॉकेट लांचर का असर नहीं होता। दरवाजे आठ इंच मोटे होते हैं, कार की चेसिस पांच इंच मजबूत स्टील की है, जो बारूदी सुरंग के फटने पर भी सलामत रहती है। कार के टायर केवलर से बने हैं, जिन पर गोली असर नहीं करती। टायर पंचर हो जाए तब भी इसके रिम इतने ताकतवर हैं कि वो कार को तेज रफ्तार से भगाते रहते हैं। कार के सामने का शीशा इतना मजबूत है कि बख्तरबंद भेदने वाली गोलियां भी इसे नहीं भेद सकतीं। कार का ड्राइवर इतना ट्रेंड होता है कि किसी भी सूरत में वो कार को बचाकर निकाल ले जा सकता है। कार में ड्राइवर और राष्ट्रपति के बैठने का चेंबर एक शीशे से अलग-अलग रहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा कार मैं बैठे-बैठे वाई फाई, सैटेलाइट फोन और डायरेक्ट लाइन से चौबीसों घंटे उप राष्ट्रपति और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के संपर्क में रहते हैं।
वैसे तो बीस्ट किसी भी तरह के आतंकी हमले में अमेरिकी राष्ट्रपति को बचाने में सक्षम है, लेकिन इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के घायल हो जाने की सूरत में उन्हें बचाने के भी भरपूर इंतजाम हैं। कार के अगले हिस्से में राष्ट्रपति के ब्लड ग्रुप वाला खून रहता है, ताकि मुसीबत में उन्हें खून दिया जा सके। यही नहीं कार के पिछले हिस्से में ऑक्सीजन सप्लाई करने का भी इंतजाम रहता है।









